इम्युनिटी को हिंदी में रोग प्रतिरोधक क्षमता कहते है। यह हमारे शरीर को जीवाणु और वायरस के संक्रमण से बचाने में मदद करती है। इम्युनिटी को प्राकृतिक प्रणाली भी कहते है। शरीर में इम्युनिटी का बढ़ना बहुत जरुरी है। यदि हमारी इम्युनिटी कमजोर हो तो रोगो से लड़ने में हमारा शरीर असमर्थ हो जाता है।
जैसे की ज्यादातर लोग कई बार मौसम बदलने से बीमार पड़ जाते है। जिससे हमारा शरीर थोड़े समय के लिए कमजोर पड़ जाता है। इस वक्त दौरान कुछ रोगों के वायरस हमारे शरीर पर आक्रमण कर देते है और शरीर को रोग ग्रस्त कर देते है। इसकी वजह से लोगो का शरीर धीरे धीरे रोग के जाल में आ जाता है।
एक रूसी वैज्ञानिक और फ्रांस के जीवविज्ञानी लुई पाश्चर ने सबसे पहले इम्युनिटी के बारे में पता लगाया और लौगो तक पहुचाया था। शुरुआत में तो यह प्रतिरक्षा को केवल इन्फेक्शन या संक्रामक बीमारियों को खत्म करने के लिए शरीर की प्रतिरक्षा के रूप में माना जाता था पर बाद में पता चला की इम्यूनिटी हमारे शरीर में सभी तरह की बिमारियों से लड़ने की बहुत सारी शक्ति प्रदान करती है।
👉🏻 इम्यूनिटी का अर्थ ( Immunity meaning in hindi ) :
इम्युनिटी (immunity) उसे कहते है जो रोग फ़ैलाने वाले जीवाणु के आक्रमण को रोकने के लिए शरीर की एक प्रकार की प्रतिरोधक क्षमता (pratiraksha) होती है।
इम्युनिटी को हिंदी में (immunity meaning in hindi) रोग प्रतिरोधक क्षमता या प्रतिरक्षा कहा जाता है। हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए प्रतिरक्षा की बहुत आवश्यकता होती है, तभी हमारा शरीर विभिन्न प्रकार के रोगों और इन्फेक्शन से लड़ सकता है, इसलिए यह जरुरी है कि अपने शरीर का ध्यान रखें और स्वस्थ रहने के लिए हेल्थी डाइट लें और अपने इम्यून सिस्टम और इम्युनिटी का ख्याल रखें।
हमारे शरीर में सभी रोगो से लड़ने में इम्युनिटी का बहुत महत्वपूर्ण योगदान रहता है। इम्युनिटी की वजह से शरीर में आने वाले संक्रमण में रक्षा मिलती है और शरीर की कोशिकाओं और फेफड़ो को संक्रमण से बचाने में मदद करती है। इम्यूनिटी हमारे शरीर से कई तरह की बीमारियों को दूर करती है और शरीर को संपूर्ण स्वस्थ बनाये रखने में मदद करती है।
👉🏻 प्रतिरक्षा प्रणाली ( Pratiraksha kya hai ) :
इम्युनिटी को हिंदी में रोग प्रतिरोधक क्षमता या प्रतिरक्षा प्रणाली भी कहा जाता है। प्रतिरक्षा प्रणाली हमारे शरीर में संक्रमण के खिलाफ शरीर की रक्षा करने का कार्य करती है और बैक्टीरिया, वायरस जैसे जीवाणु जिनके संपर्क में लोग हर दिन आते हैं तब यह प्रतिरक्षा प्रणाली इन कीटाणुओं पर हमला करके हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करती है। प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया प्रतिजनों से लड़ने की और शरीर की रक्षा करने के लिए शरीर की एक रक्षा प्रणाली है। अगर किसी व्यक्ति को कोई रोग है तो उस व्यक्ति के प्रणाली में उस रोग के प्रति प्रतिरक्षी की उपस्थिति है तो उससे रोग प्रतिरोधक क्षमता प्राप्त की जाती है। हर इंसान को पौष्टिक एवं सुपाच्य खान पान करना चाहिए और साथ ही साथ कसरत, योग भी करना चाहिए, जिससे हमारे शरीर की प्रतिरोधक शक्ति (pratiraksha) विकसित होती रहेगी| कोई भी रोग या महामारी से बचाव का सबसे सर्वोत्तम तरीका प्रतिरक्षा होती है।
👉🏻 इम्यूनिटी सिस्टम ( Immunization meaning in hindi ) :
इम्यूनिटी सिस्टम यानि प्रतिरोधक शक्ति वैक्सीन, दवाई, पौष्टिक खाना, कसरत और योग जैसे माध्यम से विकसित किया जा सकता है।
जब मानव या पशु का शरीर किसी भी रोग से सम्बंधित बाहरी शत्रु जैसे वायरस, बेक्टेरिया या जर्म्स से लड़ता है और शरीर को रोग ग्रस्त होने से बचाये रखता है, तो उसे शरीर का इम्यून सिस्टम कहा जाता है।
कोरोना जेसी महामारी में डॉक्टर और वैज्ञानिकों का दावा है कि इम्यूनिटी के कमजोर होने से मानवजात में कोरोना का खतरा अधिकतम बढ़ रहा है। जिन लोगों का इम्यून सिस्टम बहुत दुरुस्त होता है वो इस बीमारी का सामना आसानी से कर सकते हैं। इम्यूनिटी यानि रोग प्रतिरोधक क्षमता जो हमें कोरोना और कई बीमारियों से बचा के रखती है। बीमारियों से लड़ने के लिए इम्यूनिटी का मजबूत होना बहुत जरूरी है। मजबूत इम्यूनिटी शरीर को कई बिमारियों से सामना करने की बहुबी ताकत प्रदान करती है। अगर हमारी इम्यूनिटी प्रणाली मजबूत होगी तो बीमारियां ज्यादा समय तक शरीर में नहीं टिकेगी। सफेद रक्तो कोशिकाओं, एंटीबॉडीज और अन्यत कई सारे तत्वों से हमारा इम्यूोन सिस्टंम बनता है। कुछ लोगों का इम्यूरन सिस्टजम कमजोर होने की वजह से वह बार-बार बीमार पड़ते रहेते हैं। हालाकि हमारा इम्यून सिस्टम दुरुस्त है या कमजोर है इसका पता हमें कैसे चलता है?
✒️ चलो फिर जानते हैं कि कैसे हमें पता चलेगा कि हमारा इम्यून सिस्टम स्ट्रॉंग है या कमजोर है?
- बैक्टीरिया, वायरस और सामान्य बीमारी में बिना दवा के ही कई तरह के संक्रमण अगर अपने आप ही ठीक हो जाते हैं तो हमारा इम्यून सिस्टम स्ट्रोंग है।
- यदि हम घर के बाकी सदस्यों के मुकाबले बार – बार बीमार पड़ जाते हैं, या फिर सर्दी, जुकाम से परेशान रहते हैं तो समजे कि हमारा इम्यून सिस्टम कमज़ोर है।
- मौसम बदलते ही कोई बीमारी होने वाले लोगों का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है।
- स्ट्रॉंग इम्यूनिटी हमारे शरीर पर लगे घाव को भी जल्दी भर सकती है।
- कुछ एसा खाने-पीने से हमको जल्दी ही इंफेक्शन हो जाता है, तो समजे कि हमारा इम्यून सिस्टम कमज़ोर है।
👉🏻 इम्यूनिटी के प्रकार ( Types of immunity in hindi ) :
✒️मुख्य रूप से देखा जाए तो इम्यूनिटी के तीन प्रकार की होती है:
1. सक्रीय इम्युनिटी:
इस प्रकार की प्रतिरक्षा जब हमारा शरीर किसी रोगग्रस्त जीव के संपर्क में आता है तब सक्रीय होता है। क्योंकि जब जीवाणु शरीर पर हमला करता है तो शरीर एंटीबॉडी बनाता है। सक्रिय प्रतिरक्षा लंबे समय तक चलती है। निचे बताए गए दो तरीकों से सक्रिय प्रतिरक्षा विकसित कर सकते हैं:
📌 प्राकृतिक प्रतिरक्षा: कई बीमारियाँ मनुष्यों को उनके जीवन चक्र में केवल एक बार प्रभावित कर सकती हैं जैसे कि चिकनपॉक्स। जब कोई व्यक्ति बीमार पड़ता है, तब उसका शरीर रोग से लड़ने के लिए एंटीबॉडी का उत्पादन शरु करता है। अगली बार जब इसी तरह का हमला होता है, तो एंटीबॉडी प्रभाव से पहले ही संक्रमण को खत्म कर देते हैं।
📌 टीकाकरण: बच्चों के लिए पोलियो का टीकाकरण इस प्रकार की प्रतिरक्षा का एक अनमोल उदाहरण है। टीकाकरण यानि वायरस का एक कमजोर या निष्क्रिय रूप है जो शरीर को एंटीबॉडी विकसित करने में सक्षम बनाता है ताकि जब वायरस हमला करे तो उससे लड़ सके।
2. निष्क्रिय इम्युनिटी:
निष्क्रिय प्रतिरक्षा तब विकसित होती है जब कोई व्यक्ति रोग प्रतिरोधक क्षमता को विकसित करने के बजाय किसी रोग के लिए एंटीबॉडी का सेवन करता है। उदाहरण में जैसे की नवजात शिशु जो अपनी मां से निष्क्रिय प्रतिरक्षा विकसित कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, प्रतिरक्षा रक्त उत्पाद रोग से तत्काल सुरक्षा प्रदान करते समय भी मदद कर सकते हैं। निष्क्रिय प्रतिरक्षा केवल कुछ महीनों या हफ्तों तक ही रहती है।
3. इनेट इम्युनिटी:
इस प्रकार की प्रतिरक्षा के साथ हम सभी जन्म लेते हैं। यह इम्यूनिटी प्राकृतिक रोग से लड़ने की शक्ति और मानव शरीर की क्षमताओं को संदर्भित करता है। उदाहरण में कोई भी पुरानी बीमारी और बुखार का वापस आना जैसे रोगों में प्रतिरक्षा प्रणाली हमें उनसे बचाती है।
👉🏻 इम्युनिटी कम होने के कारण:
- हम हमारी रोजाना जिंदगी में व्यस्त होने की वजह से व्यायाम और योगा नहीं कर पाते है। इस कारण भी शरीर की इम्युनिटी कमजोर हो जाती है और कई सारी बीमारियों से लड़ने में असमर्थ हो जाती है।
- शरीर को पूरी तरह आराम न मिलने से और नींद पूरी ना होने से धीरे धीरे शरीर की इम्युनिटी कम होती जाती है।
- जीवन में किसी न किसी विषय को लेकर तनाव होने के कारण इम्युनिटी सहायता नहीं कर सकती है।
- पोषणयुक्त आहार ना लेने की वजह से जरुरी पोषक तत्व शरीर में नही जाते ये भी इम्यूनिटी कम होने का कारण है।
- धूम्रपान करने की वजह से फेफड़े ख़राब हो जाते है जिसका प्रभाव इम्युनिटी पर होता है।
- शराब का सेवन करने से प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है।
- बहुत सारी दवाई का सेवन करने से इम्यूनिटी कमजोर होती है।
- मधुमेह से पीड़ित लोगो में इम्युनिटी कमजोर होती है।
- उम्र बढ़ने से प्रतिरक्षा प्रणाली ठीक तरह से कार्य करना बंद कर देती है।
- कैंसर का सामना करने वाले लोगो की इम्यूनिटी भी कमजोर हो जाती है।
👉🏻 इम्युनिटी कम होने के लक्षण:
- सुबह से ही बार बार थकन होती है जैसे कि फ्रेश महसूस न करना और एनर्जी लेवल का कम रहना।
- लगातार ठंड लगना और सर्दी का अनुभव होना।
- अधिक तनाव में रहना और हमेशा अकेलेपन में रहने से प्रतिरक्षा प्रणाली पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
- बार-बार संक्रमण होने की वजह से बहुत आसानी से बीमार पड़ जाना भी इम्यूनिटी कम होने का लक्षण है।
- पाचन संबंधी समस्याएं जैसे की दस्त, सूजन, गैस, ऐंठन और यहां तक कि कब्ज प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होने के लक्षण है।
- आंखों के नीचे कालापन दिखना।
- किसी भी चीज़ में अच्छे से ध्यान न लगा पाना।
- पेट में गड़बड़ी होना और चिड़चिड़ापन का महसूस होना।
👉🏻 इम्युनिटी बढ़ाने में रखने वाली सावधानी:
- हमारे शरीर में इम्युनिटी सिस्टम को बढ़ाने के लिए रोजाना व्यायाम और योग करने से सभी अंगो का भी व्यायाम हो जाता है। इससे शरीर का स्वास्थ्य ठीक रहने लगता है और इम्युनिटी सिस्टम स्ट्रोंग होता है।
- सभी व्यक्ति को रोजाना 6 से 7 घंटा सोना बहुत जरुरी होता है क्युकी शरीर को पूर्णरूप से आराम मिलने से इम्युनिटी में बढ़ोतरी होती है।
- हमारे आसपास के परिसर को हमेशा स्वच्छ रखना चाहिए ताकि वायरस और बेक्टेरिया के संक्रमण हम तक ना पंहुचा सके।
- ग्रीन टी का सेवन करना एंटी ऑक्सीडेंट की मात्रा ज्यादा होने से शरीर के इम्युनिटी को मजबूत बनाने और बढ़ाने में सहायक होते है।
- विटामिन डी और विटामिन बी जेसे पोषक तत्व वाले पदार्थ खाने से रोगों में लड़ने में सहायता करता है।
- जंक फ़ूड जैसे बर्गर, पिज़्ज़ा, कोल्ड्रिंक, पेस्ट्री आदि शरीर की इम्युनिटी सिस्टम को खराब कर देते है क्योकि इनमे किसी तरह का विटामिन नहीं होता है इसलिए प्रोस्टेट फ़ूड खाने से बचे।
- अपने शरीर की सुरक्षा करने के लिए धम्रपान और शराब की आदतों को बंद कर दे क्योकि यह शरीर के लिए हानिकारक होता है।
👉🏻 इम्युनिटी बढ़ाने के घरेलु उपचार:
📌 इम्यूनिटी बढ़ाने वाले फल ( Immunity booster fruits ):
- ऑरेंज और नींबू में बहुत ज्यादा मात्रा में विटामिन सी होता है उसके सेवन से बहुत फायदा होता है, जो एक इम्यूनिटी बूस्टर का काम करते हैं।
- ब्रोकोली में फाइटोकेमिकल्स और एंटीऑक्सिडेंट पाएं जाते हैं जो हमारी इम्यूनिटी को बढ़ाने में बहुत मदद करते हैं।
- कीवी में भी विटामिन ई और एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा ज्यादा होती है जिनकी वजह से इम्यूनिटी स्ट्रॉंग बनती है।
- हमारी समग्र प्रतिरक्षा में सुधार के लिए तरबूज, दही, पालक, मीठे आलू, ब्रोकोली, लहसुन, अदरक, अनार का रस इत्यादि जैसे प्रतिरक्षा बढ़ाने वाले पदार्थों का सेवन करने से प्रतिरक्षा प्रणाली स्ट्रोंग होती है।
📌 इम्यूनिटी बढ़ाने वाले खोराक ( Immunity booster food ):
- गर्मी में दही का सेवन करने से हमें सुकून मिलता है साथ ही दही हमारा इम्यून सिस्टम भी दुरुस्त रखता है।
- विटामिन डी वाले खोराक का सेवन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है।
- हमारे खानपान में मसालों का महत्व बहुत है जैसे, हल्दी, लहसुन, प्याज, लौंग, हींग, मेथी, दाल चीनी, तेज पत्ता, ईलायची, काली मिर्च, तुलसी, अदरक आदि को अपने दैनिक खानपान में इस्तेमाल करने से शरीर के इम्युनिटी पॉवर को स्ट्रोंग करने में काफी मदद मिलती है।
- हरी सब्जियों का इस्तेमाल हमारे दैनिक खानपान में नियमित रूप से करना चाहिए क्युकी इससे निश्चित रूप से शरीर की प्रतिरक्षा काफी बढ़ जाती है।
- आयुर्वेद चिकित्सा के अनुसार च्यवनप्राश का रोज एक चम्मच सुबह शाम सेवन करने से शरीर की इम्युनिटी बढती है।
- प्रोबायोटिक्स खोराक लाभकारी बैक्टीरिया से भरपूर होते हैं इन में दही, सौकरकूट, किमची, केफिर और नाटो जैसे पदार्थो के सेवन से इम्यूनिटी मजबूत होती है।
- हमारा आहार फाइबर युक्त फल और सब्जिया, प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स को आहार में शामिल करने से प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।
📌 इम्यूनिटी बढ़ाने वाले पीना ( Immunity booster drink ):
- हर रोज दिन में कई बार हल्का गर्म पानी पीने से हमारा पाचन तंत्र भी ठीक रहता है और शरीर में इम्यून सिस्टम को बढ़ाने में मददगार साबित होते है।
- ग्रीन टी पीने से शरीर का वजन कम होता हे, सर्दी – जुकाम और कफ में भी राहत देने के साथ इम्युनिटी भी बढाती है।
- घर का बना काढ़ा बहुत अच्छा आयुर्वेदिक मिश्रण है, जो स्वास्थ्य और प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक उत्कृष्ट सूत्र है। लौंग, दालचीनी, अजवायन, तुलसी, काली मिर्च और हल्दी जैसी आम रसोई सामग्री को पानी में उबाल कर इस स्वस्थ प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने वाले पेय को तैयार कर सकते हैं।
- एक कप बेबी पालक, मुट्ठी भर पुदीने के पत्ते, आधा कप खीरा / लौकी, आधा कप दही, एक चुटकी सेंधा नमक, एक चौथाई चम्मच जीरा पाउडर, आधा चम्मच नींबू का रस और एक टुकड़ा आंवला सभी सामग्री को एक ब्लेंडर में बर्फ के साथ रखकर और इसे चिकना होने तक ब्लेंड करके इसे तैयार कर सकते हैं। इस ड्रिंक में मौजूद पालक में विटामिन सी और बीटा कैरोटीन जैसे एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो हमारे इम्यून सिस्टम की संक्रमण से लड़ने की क्षमता को बढ़ा सकते हैं।
- तीन से चार कप पानी में कद्दूकस किया हुआ अदरक, तीन कटी हुई लहसुन की कलियां, एक इंच दालचीनी की स्टिक, एक चम्मच पुदीने का रस और नींबू का रस मिलाकर उबालकर हर्बल ड्रिंक तैयार कर सकते हैं।

