1. सफेद मूसली के चूर्ण को गाय के दही के साथ 15 दिन तक लें।
2. विदारीकंद, गोखरू, मूसली, आंवला, सिंधव, पीपर का चूर्ण, चीनी को दूध के साथ लेना।
3. अफीम, जायफल, जावंतरी, कपूर, नागरवेल के पत्तों के रस को वाटकर एक गोली लें उसको खाए।
4. गला, गोखर, आंवला, धी, साकर के साथ मथ लें और ऊपर से दूध पी लें।
5. गोखरू, दूध में उबालकर चीनी पिएं।
6. दूध में सलाममिश्री, काली मूसली, सफेद मूसली, बल्बिज, गोखरू और खारेक का चूर्ण लें।
7. शुद्ध बंगभस्म को शहद में मिलाकर लेना चाहिए।
8. इसबगुल को रात में भिगोकर सुबह चीनी और नींबू के रस के साथ पीना चाहिए।
9. करमदा के 5 पत्तों को पीसकर दिन में दो बार पियें।
10. अधिक खाने से बचना और देर रात भोजन करना या भोजन के तुरंत बाद आराम मत करना।
11. मन को उत्तेजित या संवेदनशील बनाने वाली चीजों, दृश्यों, विचारों से दूर रहना।
12. ओथमी जीरा, विदारी कंद और चीनी का चूर्ण दूध के साथ लेना चाहिए।
13. आंवला चूर्ण को मक्खन, मलाई या दूध के साथ लेना चाहिए।
14. सालम, काली- सफेद मूसली, मोटागोखरू, तालमखाना, बलदाना, खारेक के पत्ते, किचबीज, अश्वगंधा, विदरीकंद, मोचरस, शतावरी, उत्कटा की जड़ और साकर का चूर्ण दूध के साथ लेना चाहिए।

