1. लकवा होने पर लहसुन को पीसकर शहद के साथ चाटने से आराम मिलता है।
2. लहसुन की एक कली निगलने से शुरू करें, हर दिन एक-एक करके, और चालीसवें दिन, 40 कली निगल लें और इसी तरह एक-एक करके कम करके चालीस दिन (कुल 80 दिन तक) करने से लकवा ठीक हो जाता है। .
3. 1 किलो कपास के बीज लें, उन्हें शाम को पानी में भिगो दें। सुबह इसकी पत्तियों को तोड़कर इसके भ्रूण को धूप में सुखा लें। सूख जाने पर इसका चूर्ण बना लें, 1 ग्राम अश्वगंधा के चूर्ण में 3 ग्राम चूर्ण मिलाकर रोज सुबह खाली पेट गर्म दूध के साथ और शाम को भोजन से पहले गर्म दूध से सेवन करने से लकवा और वात रोग में लाभ होता है।
4. ठंडा न लें – बासी भोजन और शीतल पेय, तला हुआ भोजन न ले।
5. लकवा के मरीज़ अनाज में गेहूं, जौ, और बाजरा का सेवन करना चाहिए।
6. लकवा पीड़ित को मूंग की दाल और कुलथ बेहद फायदेमंद है।
7. लकवा पीड़ित को सब्जियों में हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, सहजन, पत्ता गोभी और ब्रोकोली का सेवन करना चाहिए।
8. लकवा के मरीज फलों में अनार, फालसा, अंगूर, हल्दी, सेब, पपीता, संतरा, चेरी और तरबूजा खाए।
9. लक्वा के मरीज मैदा, अरहर, मटर, चना से परहेज करें।
10. लकवा के मरीज आलू, टमाटर, नींबू, जामुन, करेला, केला, भिंडी और मूंगफली से दूरी बनाएं।
11. लकवा पीड़ित तेल और घी के अधिक सेवन ना करे।
12. लकवा पीड़ित सुपारी, ज्यादा नमक, पूरी, समोसा, चाट-पकोड़ा, मक्खन, आइसक्रीम, चाय, काफी से भी परहेज करें।
13. लकवा पीड़ित भारी भोजन जैसे छोले, राजमा, उड़द चना मटर सोयाबीन, बैंगन, कटहल जैसी चीजें बिल्कुल नहीं खाएं। और ठंडी चीजें, पनीर और चॉकलेट से परहेज़ करें।
14. तैलीय मासलेदार खाना, नॉनवेज, अचार, कोल्ड ड्रिंक्स आदि चीजे लकवा पीड़ित ना ले वो लाभदायक होता है।

