1. जो बच्चा रोज सुबह एक चम्मच पालक भाजी का रस शहद में मिलाकर पिलाया जाता है, वह बलवान हो जाता है।
2. पके टमाटर का ताजा रस छोटे बच्चों को दिन में दो बार पिलाने से वे स्वस्थ और बलवान बनते हैं।
3. बच्चों को तिल खिलाने से बच्चों को रात में डकार आने से रोका जा सकता है और शरीर बलवान बनता है।
4. तुलसी के पत्ते का रस 5 से 10 बूंद पानी में डालकर रोजाना पीने से बच्चे की मांसपेशियां और जोड़ मजबूत होते हैं और बच्चा तेजी से चलता है।
5. प्याज और गुड़ रोजाना खाने से बच्चे की लंबाई बढ़ती है।
6. बच्चों को खिलाने से पहले एक चम्मच टमाटर का रस दें, वो दूध की उल्टी को ठीक करता है।
7. गरम दूध में हल्दी डालकर छोटी-छोटी गोल पेस्ट बना लें, उससे बच्चों के सर्दी, कफ और साइनस दूर होते हैं।
8. लहसुन की एक या दो कली दूध में पकाकर छाना हुआ दूध पीने से बच्चों की खांसी और सांस में राहत मिलती है।
9. छोटे बच्चों के लिए नागरवेल के पत्तों को उबालकर, हल्का गर्म करके। गर्म कपड़ों के साथ छाती के भाग पर लगाइए और शेक कीजिए उससे बच्चों का कफ ढीला हो जाता है।
10. लहसुन की कलियों को पीसकर बर्तन बनाकर बच्चे के गले में रखने से बच्चे की कुकुर खांसी ठीक होती है।
11. बच्चे के सीने में कफ भरा हो तो तुलसी के पत्ते का रस शहद में मिलाकर पिलाएं, 2-3 बार तुलसी के रस को गर्म करके छाती, नाक और माथे पर लगाने से सर्दी और कफ में बहुत आराम मिलता है।
12. छाश में चुकंदर का चूर्ण बनाकर पीने से छोटे बच्चे के पेट के कीड़े ठीक हो जाते हैं।
13. कालीजीरी के चूर्ण को शहद में मिलाकर लगाने से बच्चों के पेट के कीड़े ठीक हो जाते हैं।
14. एक चम्मच प्याज का रस खाने से पेट के कीड़े मर जाते है।
15. ग्लूकोज युक्त पानी में दो-दो चम्मच नींबू का रस दिन में चार बार पीने से बच्चे की अक्ल दाढ़ बड़ी आसानी से आ जाएगी और मोटी नहीं होगी।
16. बच्चों के मसूढ़ों पर शहद और सिंधव-मीठा धीरे-धीरे मलने से बच्चे के दांत आसानी से निकल आते हैं।
17. दांत निकलते समय आंख आ गई हो तो सूजी हुई फिटकरी को गुलाबजल में मिलाकर आंखों में बूंदे डालें और ताजे उबले पानी से आंख को धोएं।
18. गाजर का रस पीने से बच्चों के दांत जल्दी निकलते हैं और दूध भी अच्छे से पचता है।
19. तुलसी के पत्तों का रस शहद में मिलाकर मसूढ़ों पर मलने से दांत बिना किसी परेशानी के आसानी से निकल आते हैं।
20. बच्चों के दांत निकलते समय काली मिर्च का चूर्ण या पुदीने को शहद में मिलाकर मसूढ़ों पर घिसकर और पुदीने के चूर्ण को शहद में डुबोकर आसानी से पी सकते हैं।
21. बच्चों के मिचली आने पर हींग को नाभी पर चिपकाने से मिचली दूर होती है।
22. नागरवेल के पत्तों के रस में शहद मिलाकर चबाकर खाने से छोटे बच्चों की बदहजमी दूर होती है।
23. बच्चे के पेट में दर्द होने पर उसके पेशाब को पेट पर लगाने से लाभ होता है।
24. छोटे बच्चे को छाश पिलाने से दांत निकलने की समस्या नहीं होती है।

